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Tuesday, 28 June 2016

हॉकी : 6 नेशंस टूर्नामेंट में भारत ने आयरलैंड को हराया

स्पेन के वालेंसिया में खेले जा रहे 6 नेशंस टूर्नामेंट में भारत ने आयरलैंड को 2-1 से हराकर पहली जीत हासिल की। इस मैच का पहला गोल आयरलैंड के काइल गुड ने किया और यूरोपीय देश ने 1-0 की बढ़त कायम कर ली। लेकिन इसके बाद तलविन्दर सिंह और कप्तान सरदार सिंह ने एक-एक गोल करके भारत को 2-1 से जीत दिला दी।

पहले मैच में ओलिंपिक चैंपियन जर्मनी 0-4 से हार के बाद भारतीय टीम आयरलैंड के ख़िलाफ़ मैच में जीत के इरादे से उतरी। भारत के डच कोच रोलंट ऑल्टमैन्स ने इस मैच में भी प्रयोग किए। भारतीय टीम ने कई बार सर्किल को भेदा और पेनल्टी कॉर्नर भी बनाए। लेकिन ड्रैग फ़्लिकर वीआर रघुनाथ और रुपिन्दर पाल सिंह फ़ॉर्म में नहीं दिखे।

चैंपियंस ट्रॉफ़ी की उपविजेता भारत के ख़िलाफ़ आयरलैंड ने चौथे मिनट में ही बढ़त कायम कर ली थी। तलविन्दर सिंह ने 19वें मिनट में स्कोर को बराबरी पर पहुंचाया और कप्तान सरदार सिंह ने तीसरे क्वार्टर (32वें मिनट) में टीम इंडिया को 2-1 की बढ़त दिला दी।

गुरुवार को 5वीं रैंकिंग वाली भारतीय टीम की टक्कर 8वीं रैंकिंग वाली न्यूज़ीलैंड टीम से है।

Saturday, 25 June 2016

जीतू राय ने आइएसएसएफ विश्व कप में रजत पदक जीता बाकू

रियो ओलंपिक में भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीद जीतू राय ने आईएसएसएफ विश्वकप निशानेबाजी टूर्नामेंट में शनिवार को जबर्दस्त प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीत लिया। जीतू का यह छठा विश्वकप पदक और इस साल का दूसरा विश्वकप पदक है। जीतू राय कल पुरुषों की 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में नहीं पहुंच पाए थे लेकिन उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीत लिया। वह मामूली अंतर से स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए। रियो ओलंपिक के मेजबान देश ब्राजील के फेलिप अल्मीदा वू ने स्वर्ण पदक हासिल किया जो सत्र का उनका दूसरा स्वर्ण पदक था। फेलिप ने बैंकाक में सत्र के पहले विश्वकप चरण में भी स्वर्ण पदक जीता था। 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में 24 वर्षीय ब्राजीली निशानेबाज ने फाइनल में 200.0 का स्कोर कर स्वर्ण पदक जीता जबकि 28 वर्षीय जीतू ने 199.5 अंकों के साथ रजत अपने नाम किया। तीन बार के ओलंपिक चैपियन कोरिया के जिन जोंगोह को 178.8 के स्कोर के साथ कांस्य पदक मिला। जिन ने 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। पूर्व नंबर एक महिला निशानेबाज हीना सिद्धू 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में पहुंचीं लेकिन फाइनल में छह का मामूली स्कोर कर आठवें स्थान पर रहीं। पुरुष डबल ट्रैप स्पर्धा में भारत के अंकुर मित्तल मामूली अंतर से फाइनल में पहुंचने से चूक गए। मित्तल 137 के स्कोर के साथ नौवें स्थान पर रहे। रियो ओलंपिक से पहले के इस आखिरी निशानेबाजी टूर्नामेंट में भारत का यह पहला पदक था। भारत को विश्वकप के चौथे दिन जाकर टूर्नामेंट का अपना पहला पदक हासिल हुआ। अभिनव बिंद्रा और गगन नारंग जैसे अनुभवी निशानेबाज तथा कीनन चेनाई जैसे युवा निशानेबाज फाइनल में पहुंचकर कोई पदक नहीं जीत पाए थे। पूजा घाटकर महिलाओं की दस मीटर एयर राइफल स्पर्धा के फाइनल में पहुंचकर कांस्य पदक जीतने से चूक गईं थी और उन्हें चौथा स्थान मिला था।10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में जीतू 580 के स्कोर के साथ क्वालिफाइंग दौर में छठे स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचे थे। अल्मीदो को 583 के स्कोर के साथ क्वालिफाइंग में तीसरा और जिन को 586 के स्कोर के साथ पहला स्थान मिला था। विश्व के नंबर दो निशानेबाज जीतू ने फाइनल में अपनी आखिरी सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत जीता। जीतू ने पहली सीरीज में 30.5 और दूसरी सीरीज में 30.2 का स्कोर किया। उन्होंने एलिमिनेशन पदक राउंड में आखिरी दो शॉट में 10.2 और 10.6 के बेहतरीन स्कोर किए। एलिमिनेशन में उन्होंने 138.8 अंक जुटाए और रजत पदक ले उड़े। ब्राजीली निशानेबाज ने पहली दो सीरीज में कुल 59.6 का स्कोर किया और एलिमिनेशन में 140.4 का स्कोर कर स्वर्ण जीत लिया। उनके और जीतू के कुल स्कोर में 0.5 अंकों का मामूली फासला रहा। इस स्पर्धा में भारत के ओमकार सिंह 575 के स्कोर के साथ 28वें और गुरप्रीत सिंह 569 के स्कोर के साथ 42वें स्थान पर रहे।

 महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में हीना सिद्धू ने क्वालिफाइंग में पांचवें स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। उनका क्वालिफाइंग में 582 का स्कोर रहा। हीना ने प्रीसिजन में 296 और रैपिड में 286 का स्कोर किया। क्वालीफाइंग में रूस की स्वेतलाना मैदवेदेवा 586 के स्कोर के साथ सबसे आगे रहीं। फाइनल में हीना के निशाने लड़खड़ा गए और वह कुल छह का मामूली स्कोर कर पदक होड़ से सबसे पहले बाहर हो गयीं। इस स्पर्धा का स्वर्ण बुल्गारिया की एंटोनेता बोनेवा के हिस्से में गया। यूनान की एना कोराकाकी ने रजत और कोरिया की जांगमी किम ने कांस्य पदक जीता। इस स्पर्धा में भारत की अनीसा सैय्यद 572 के स्कोर के साथ 32 वें और सुरभि पाठक 571 के स्कोर के साथ 34 वें स्थान पर रहीं। पुरुष डबल ट्रैप स्पर्धा में अंकुर मित्तल की आखिरी सीरीज खराब रही जिसके कारण वह फाइनल में जगह नहीं बना पाए। अंकुर ने 28,29,26,28 और 26 की सीरीज खेली। उनका कुल स्कोर 137 रहा। फाइनल में पहुंचने वाले छह निशानेबाजों में आखिरी निशानेबाज का स्कोर 138 रहा था। अंकुर को नौंवा स्थान मिला। इस स्पर्धा में संग्राम दाहिया 135 के स्कोर के साथ 14 वें और असब मोहम्मद 134 के स्कोर के साथ 15 वें स्थान पर रहे। टूर्नामेंट में रविवार को 50 मीटर राइफल प्रोन पुरुष और 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल पुरुष के मुकाबले होने हैं।  

भारत को NSG की सदस्यता नहीं मिलने पर अमेरिकी सीनेटर खुश

अमेरिका के एक सीनेटर ने भारत को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता नहीं देने का निर्णय करने के लिए एनएसजी की प्रशंसा की है. अमेरिकी सीनेटर एड्वर्ड मार्के ने चीन के नेतृत्व में हुए मजबूत विरोध के मद्देनजर भारत की सदस्यता पर कोई निर्णय लिए बिना एनएसजी की पूर्ण बैठक के सोल में समाप्त होने के कुछ ही घंटों बाद परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह की तारीफ की.

अमेरिकी सीनेटर ने NSG की तारीफ की
मैसाचुसेट्स से जूनियर डेमोक्रेटिक सीनेटर एड्वर्ड मार्के ने एक बयान में कहा, 'एनएसजी ने भारत को प्रवेश देने से रोककर परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के प्रति अपने दृढ़ समर्थन फिर से दोहराया.' उन्होंने शुक्रवार को कहा कि एनएसजी की स्थापना भारत के 1974 के परमाणु परीक्षण की प्रतिक्रिया के तौर पर की गई थी और इसने परमाणु हथियारों के और विस्तार में योगदान कर सकने वाली उस तकनीक को साझा करने से रोकने के लिए दशकों काम किया है. 

'भारत को सदस्यता नहीं मिलना सही फैसला'
भारत विरोधी के तौर पर चर्चित मार्के ने कहा, 'अगर भारत को एनएसजी में शामिल कर लिया जाता तो यह संगठन में भागीदार एकमात्र ऐसी सरकार होती जो एनटीपी का कोई पक्ष नहीं होती , जिससे संधि के प्रति एनएसजी की प्रतिबद्धता कमजोर होती. भारत को प्रवेश देने से रोककर एनएसजी ने संधि और व्यापक वैश्विक अप्रसार व्यवस्था दोनों को मजबूत किया है'.
भारत को NSG की सदस्यता नहीं मिली
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य के तौर पर मार्के ने भारत और अमेरिका के बीच असैन्य परमाणु समझौते को पारित होने से रोकने के प्रयासों का असफल नेतृत्व किया है. मार्के ने पिछले महीने कांग्रेस की सुनवाई के दौरान भारत की एनएसजी में सदस्यता के आवेदन का विरोध किया था. एनएसजी की पूर्ण बैठक शुक्रवार को सोल में समाप्त हुई जिसमें भारत की सदस्यता पर कोई निर्णय नहीं लिया गया.
NPT का सदस्य नहीं होने से भारत के खिलाफ फैसला
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कल कहा, 'सोल में एनएसजी की बैठक में भारत को तुरंत समूह की सदस्यता देने से इंकार कर दिया गया और कहा गया कि जिन देशों ने परमाणु अप्रसार संधि पर दस्तखत नहीं किया है उनकी भागीदारी पर चर्चा जारी रहेगी.' चीन ने भारत को सदस्यता दिए जाने को लेकर अपने विरोध को गोपनीय नहीं रखा था. चीन ने भारतीय पक्ष में बड़े समर्थन के बावजूद सदस्यता की उसकी दावेदारी को विफल कर दिया. भारतीय अधिकारियों के अनुसार 38 देशों ने भारत को समर्थन दिया.